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तीन रातें और चार दिन की ज़िंदगी
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एक शहर में दो अजनबी लोगों की थोड़ी फ़्लैशबैक और अधिक वर्तमान में बीती तीन
रातें और चार दिन की ज़िंदगी संपन्न हुई। कहानी में तनाव नहीं था। कहानी में
प्रेम...
1 हफ़्ते पहले



2 टिप्पणियाँ:
लाजवाब कार्यक्रम...बाउजी कमाल कर दित्ता तुसी...तिन चार वारि सुन लय है हाली होर सुनन दा मन है...
waah ji waah bahut khub...
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