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तीन रातें और चार दिन की ज़िंदगी
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एक शहर में दो अजनबी लोगों की थोड़ी फ़्लैशबैक और अधिक वर्तमान में बीती तीन
रातें और चार दिन की ज़िंदगी संपन्न हुई। कहानी में तनाव नहीं था। कहानी में
प्रेम...
1 हफ़्ते पहले



3 टिप्पणियाँ:
CHADDHA JI ,MARHOOM KAVI SHIV BATAALVI DI BHABI NAL AAP JI DA SAKSHATKAR - GAZZAB !BADA SOHNA LAGIYA ! LAKH LAKH BADHAIYAN ! JAPHY PAWAN JI KARDA HAI AAP JI DE NAL !
स्वागत है...
Bahut achaa laga ...
aap ke blog par anaa...
Vah ji Vah...
Kia baat hai....
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